तेल संकट पर बड़ी खबरें (22-23 अप्रैल 2026) – सभी अपडेट एक साथ
पिछले 24 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी संकट और अमेरिका-ईरान तनाव ने भारत में तेल को लेकर कई अहम घटनाक्रम पैदा किए हैं।
कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, शेयर बाजार में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई है, जो 13 अप्रैल के बाद पहली बार हुआ है ।
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शेयर बाजार पर असर: इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। सेंसेक्स 853 अंक (1.1%) टूटकर 77,664 पर और निफ्टी 205 अंक (0.84%) की गिरावट के साथ 24,173 पर बंद हुआ। बाजार पूंजीकरण लगभग 3 लाख करोड़ रुपये घट गया
ऑयल कंपनियों को अरबों का नुकसान, लेकिन सरकार ने बढ़ोतरी से इनकार
सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे।कंपनियां कीमतें नहीं बढ़ा रही हैं, इसलिए उन्हें प्रति लीटर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, क्रूड इंपोर्ट बिल रोजाना 190-210 मिलियन डॉलर तक बढ़ चुका है ।
बैकअप स्टॉक खत्म होने के संकेत और एलपीजी पर खतरा
चिंता की असली वजह यह है कि भारत के पास जो बैकअप विकल्प थे, वे खत्म हो रहे हैं।

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फ्लोटिंग स्टॉक घटा: समुद्र में तैरते रूसी तेल का स्टॉक, जो फरवरी में 20 मिलियन बैरल था, अब घटकर 5 मिलियन बैरल से भी कम रह गया है ।
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एलपीजी संकट की आशंका: विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति बनी रही तो एलपीजी (रसोई गैस) और डीजल की सप्लाई पर गंभीर असर पड़ सकता है ।
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ईरानी तेल पर रोक: अमेरिका द्वारा दी गई अस्थायी छूट खत्म होने के बाद ईरान से तेल आयात पर लगे प्रतिबंध फिर से लागू हो चुके हैं, जिससे भारत के विकल्प सीमित हो गए हैं ।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा? (बड़ा बयान)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी दौरे के दौरान इस संकट को लेकर बड़ा बयान दिया।

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खतरे को लेकर आगाह: उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई भी हलचल भारत पर सीधा असर डालेगी। यह भारत की आर्थिक स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है ।
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सरकार अलर्ट: हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्थिति पर नजर रखने के लिए ‘ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स’ लगातार काम कर रहा है ।
जनता पर दोहरी मार (ईंधन + खाद्य तेल)
यह सिर्फ पेट्रोल-डीजल का संकट नहीं है। अर्थव्यवस्था पर ‘तेल की दोहरी मार’ पड़ रही है ।
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खाद्य तेल भी महंगा: भारत अपना 90% खाद्य तेल आयात करता है। पश्चिम एशिया संकट ने पाम ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल की कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं। पिछले एक हफ्ते में खुदरा खाद्य तेल की कीमतें 1 से 4 रुपये प्रति किलो बढ़ चुकी हैं ।
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महंगाई की मार: रिजर्व बैंक के सर्वे के मुताबिक, लोग आने वाले समय में 8.8% की महंगाई की उम्मीद कर रहे हैं।
एक नजर में ताजा आंकड़े (तथ्य पत्रक)
| विवरण | स्थिति / आंकड़ा |
|---|---|
| ब्रेंट क्रूड की कीमत | $100/बैरल से अधिक |
| भारतीय क्रूड बास्केट (21 अप्रैल) | $102.46/बैरल |
| पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ोतरी | नहीं बढ़ेंगे (सरकार ने साफ किया) |
| तेल कंपनियों का घाटा | हर दिन $190-210 मिलियन |
| होर्मुज में फंसे भारतीय जहाज | 14 जहाज, 54 दिन से फंसे |
| पेट्रोल-डीजल बिक्री | अप्रैल 2026 में 13% बढ़ी |
| रुपया (डॉलर के मुकाबले) | 95 के पार गिरकर वापस आया |
