Lenskart में महिलाओं की बिंदी और कलावा पर रोक? Trolls से क्या बोले Peyush Bansal?जानें पूरा मामला.

                                                                                                                                                                                      मैंने देखा है की Lenskart का गलत पालिसी डॉक्यूमेंट वायरल हो रहा है। मैं बताना चाहता हूँ की ये डॉक्यूमेंट हमारे वर्त्तमान दिशा -निर्देश को नहीं दिखाता। हमारे पालिसी में धार्मिक अभिव्यक्त पर कोई रोक नहीं है ‘ इसमें बिंदी और तिलक भी शामिल है.हम नियमित रूप से अपने दिशानिर्देश को रिव्यु करते हैं। हमारी ग्रूमिनग पालिसी समय के साथ विकशित हुई है और इसके पुराने नियम हमारी पहचान को सही ढंग से नहीं दिखाते हैं।आपको जो confusion हुआ उसके लिए हम माफ़ी चाहते हैं। एक कंपनी के रूप में हम हमेशा सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं। हमारी भाषाओ में नीतियों और खामियों को दूर किया गया है और आगे भी किया जाता रहेगा। भारत में हमारे हज़ारो कर्मचारी हैं जो हमारे स्टोर्स में अपने धर्म और संस्कृति को गर्व से दिखाते हैं। यही लेंसकार्ट है। लेंस्कार्ट भारत में बना था और भारतीयों के लिए। हमारे लोगो की हर परंपरा हमारी कंपनी कि पहचान हैं..मैं इसे कभी खतरे में पड़ने नहीं दूंगा।

इस controversy से क्या असर पड़ा?

Brand Image पर असर:

Lenskart जैसी बड़ी brand के लिए यह मामला image-sensitive था।

Public Debate:

इससे workplace religious freedom पर nationwide debate शुरू हुई।

Founder Pressure:

Peyush Bansal, जो Shark Tank India से popular हैं, इसलिए मामला ज्यादा viral हुआ।

'Will never restrict religious expression': Lenskart founder Peyush Bansal reacts to viral employee grooming policy

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